- No one does franchises like Akshay Kumar and Welcome To The Jungle proves it
- एक टिकट, दो घंटे और ढेर सारे ठहाके… यही है 'वेलकम टू द जंगल'।
- दिलों को जोड़ने आ रही है मैक्स, मिन एंड म्याऊज़ाकी, टीज़र ने जीता दर्शकों का दिल
- The teaser of Max, Min and Meowzaki suggests a fresh, contemporary tale of love, family, inter-generational relationships and one unforgettable cat.
- Love Beyond The Office: 5 Shows Where Workplace Bonds Turn Into Beautiful Love Stories
दिव्यांग अपने आपको कमजोर न समझें: महाजन
985 दिव्यांगों को 95 लाख रूपये के जीवनोपयोगी सहायक उपकरण वितरित
इंदौर. लोकसभा स्पीकर श्रीमती सुमित्रा महाजन की मुख्य आतिथ्य में आज रवीन्द्र नाट्यगृह में सामाजिक न्याय विभाग के तत्वावधान में 985 दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों को 95 लाख रूपये मूल्य के जीवनोपयोगी सहायक उपकरण वितरित किये गये.
इस अवसर पर लोकसभा स्पीकर श्रीमती महाजन ने कहा कि शासन दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों की मदद के लिये कृतसंकल्पित हैं। दुर्भाग्य से कुछ लोगों में कुछ शारीरिक कमी रह जाती है. सरकार सहायक उपकरण के माध्यम से उस कमी को पूरा करने का प्रयास कर रही है. दिव्यांगजन शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपना जीवन स्तर सुधार सकते हैं. उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने वरिष्ठ नागरिकों के लिये भी कई कल्याणकारी योजनाएँ शुरू की है, उनमें वृद्धावस्था पेंशन और वृद्धाश्रम प्रमुख हैं. उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन अपनेआप को कमजोर न समझें. वे शासन, समाज और परिवार से सहयोग लेकर असाधारण काम कर सकते हैं. दिव्यांग तैराक शरद ने एशियाई खेल में पदक हासिल किया है। इसी प्रकार नृत्यांगना सुधा चन्द्रन ने कृत्रिम पैर से फिल्मों में असाधारण काम करके दिखाया है। कई दिव्यांग तो एवरेस्ट शिखर पर चढ़ चुके हैं.
दिये जा रहे यूनिक आईडी
केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत ने कहा कि केन्द्र सरकार ने दिव्यांगों के लिये अनेक योजनाएँ शुरू की है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ सकें. केन्द्र और राज्य शासन ने दिव्यांगों के लिये आरक्षण, पेंशन, सहायक उपकरण, विवाह प्रोत्साहन, अनुदान सहित स्वरोजगार ऋण आदि की सुविधा मुहैया कराई है. सैकड़ों विकलांगों ने योजनाओं का लाभ लेकर अपना जीवन स्तर सुधार लिया है. केन्द्र सरकार को पिछले चार वर्षों में छ: गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज हो चुका है. उन्होंने बताया कि देश में सभी दिव्यांगों के यूनिवर्सल आईडी कार्ड बनाये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश और राजस्थान में यह काम सबसे तेजी से हो रहा है. इस अवसर पर इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शंकर लालवानी, विधायक राजेश सोनकर, महेन्द्र हार्डिया, सुदर्शन गुप्ता, आयुक्त नि:शक्तजन कल्याण संदीप रजक और बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक मौजूद थे।


